अंटार्कटिका का सफर भाग 2

अब करें विंटर टीम की बात 1 ऊपर दी हुई इन सूचियों से आपको अपनी तैयारी का काफी कुछ अनुमान तो दो ही गया होगा । फर्क सिर्फ इतना है कि आप 16 महीने कै लिए ऐसी जगह पर जा रहे हैं, जहाँ कोई

भी दुकान नहीं है 1 उँकि चिंटर्रिग कै दोरान चाहर की हर जगह ठंडी हो जाती हैं, तो फाम बस दो हीँ तरह का रह जाता है…-स्टेशन व लेब कै अंदर करनेवाला कार्य या फिर चाहर करनेवाला।

जो लोग स्टेशन कै अंदर, रहनेवाले वैज्ञानिक हैं उन्हें ‘समर’ टीम कौ दूसरी श्रेणी की तैयारी कर लेनी चाहिए। नेत्री स्टेशन को गरम बनाए रखने कौ व्यवस्था हैँ । इसवी भीतर ताप एअरकंडीशन जैसी हलकी ठडकवाला वानी 15 से 18 डिग्री सेल्सियस रहता है । ऐसी गुलाबी सदीं में घर क अंदर पहने जानेवाले कपडों में सबसे सुविधा की चीज है दूँकसूट र देखने में पैंट-शर्ट जैसा शानदार भी, पहनने में पाजामे-कुरते जैसा आरामदायक भी और बस धोया-पहना, प्रैस करने की भी जरूरत ॰ नहीं ! कमडसेडकम दो-त्तीन हूँकसूट तो साथ में रख ही लीजिए, पूरा साल ‘आसानी से कट जाएगा। ‘मैत्री’ में सिलाई की मशीन उपलब्ध है, पर हर‘ व्यक्ति उसका प्रयोग करना नहीं जानता; इसलिए साथ मॅ सृई-वागे ३का एक सैट रखना भी बेहत्तर है । मैत्री में बिस्तर की चादरें, तकिए कै गिलाफ और तौलिए आपको दिए जाते हैं । इनको भारत से न ले जाएँ । 16 महीने कै लिए जितना आपका अंदाज हो, उससे एक अधिक टूथपेस्ट साथ में रख लीजिए । ‘मैत्री’ में प्रत्येक सदस्य को एक अलार्म घडी दी जाती है । वॉशिंग म्शोन और प्रेस करने की सुबिधा भी उपलब्ध है । अंत में एक बहुत जरूरी जानकारी-अंटार्कटिका एक ठंडा रेगिस्तान है तो वहाँ का वातावरण वैसे ही एवब्दम स्ख। है; इस रूखेपन में रोज साबुन लगाना आपकी खाल कै लिए अच्छा नहीं हैं । इस मामले में अनुभव की बात यह है कि यदि साबुन को जगह शैपू का प्रयोग चालों कै साथ-साथ सारे बदन पर किया जाए, तो सारे शरीर की त्वचा बहुत मुलायम व साफ बनी रहती है 1 सप्ताह में कवल दो दिन सारे शरीर को र्शपृ से धोना पर्याप्त होता है, बाकी दिन कवल मानी से नहाना ही काफी हैं । विंटस्थि में जाते समय मैं साल भर कै लिए, 2 पाउच प्रति सप्ताह कै हिसाब से, शैपृ कें करीब 1०0 पाउच ले जाता हूँ।

अगर वि’टर में बाहर काम करना है, जेसे अगर आप गाडियों कै क्लनेयग्लो कारवां में जाने वाले हैं तो “समर” टीम की तीसरी श्रेणी की तैयारी हीं आपर्क लिए पर्याप्त होगी, जिसर्क साथ ऊपर की विंटर टीम की मूवी फो भी णोड़ लीजिए । ‘समर’ टीम की चौथी श्रेणी से आपकी

कुछ उपयोगी हिदायतें तो मिरन जाएँगी, पर’ उतनी तादाद में चीजें नहीं चाहिए । पहाडों में स्फोषग्लो लोग विमा किसी साधन दो तंबुओं में केंप

करते हैँ, पर आपकी गाडी में ‘हीटर’ त्मारा होता है और इन गरम गाडियों कै साथ ही एक चलता-फिरता घर भी होता है, जिसमें रहने व खाने की सारी मामूली सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं । अत्त: ‘समर’ टीम की चौथी श्रेणी जितनी तैयारी आंपर्क लिए जरूरी नहीं है । ही, चाहर जाने कै बहुत मौर्क मिलने कै कारण आपकै घास फोटो खींचने कै अवसर भी अधिक आएँगे तो फिल्म रोल्स कुछ ज्यादा चाहिए, 8-10 रोल पर्याप्त होंगे ।

यह तो हुई ज़रूरी खरीदारी की सूची। इसर्क अलावा कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जो आप साल भर अच्छी तरह से बिताने कै लिए ले जाना चाहेंगे । पहले हम देख लें कि “मैत्री स्टेशन में क्या उपलब्ध है । सन् 1988 से हर साल मैत्री में किताबें जा रही हैं, अत: एक बहुत अच्छा पुस्तकालय बन गया है, जिसमें उपन्यासों से लेकर दर्शनशास्त्र व धर्मग्रंथों तक हर रुचि कै व्यक्ति कै लिए बहुत सारी किताबे उपलब्ध हैं. । अगर कोई पुस्तक आपको विशेष रूप से प्रिय है तो उसे साथ स्ने जाइए और लौटते समय मैत्री क्री लाइब्रेरी को भेंट कर दीजिए । इस्री त्तरह हर साल ” बीडिंयो व ओंडियो कैसेट तथा सीडो. भी मैत्री जाते रहे हैं और यहाँ उनका बहुत अच्छल्वा संग्रह बन गया है । फिर भी अगर आपकी कोई खास ” पसंद है, जैसे क्रोइं गायक या क्षेत्रीय भाषाओँ का संगीत आदि, तो उसकै कैसेट या सीडी. अपने साथ स्ने जाइए। ‘

‘मैत्री’ में घर पर फोन करने का समय सीमित है, अत: जातं करते समय ही इसे रिकॉर्ड करने क्री सुविधा दो गई है । इसर्क लिए साथ में दो खाली ओंडियो कैसेट स्ने जाइए, जिससे आप अपने प्रियजनों से हुई बात क्रो रिकॉर्ड करर्क विंटरिगै र्क एकांत कै दौरान बब्बर-जार सुन सकें । स्टेशन में कंप्यूटर की सुविधा भी है, त्तो कुछ खाली सीडो. साथ में स्ने जाइए, जिससे नई सीखी हूई कुछ उपयोगी चीजों क्रो इसपर लिखकर बापस ला सकै । कसरत करने कै लिए जारबैल, डंबल, बैंच जैसी सारी चीजें मैत्री में मिल जाएँगी, अत्त: उनका बोझ साथ में लेकर न जाएँ ।

अंत में, स्टेशन में अनेक अवसरों पर पार्टी कच्चा आयोजन होता

रहता है, जिनमें आपर्क जन्मदिन की दावत भी आएगी अत: इनमें पहनने कै लिए शायद आप एकाध खास पोशाक या जूते अपने साथ स्ने जाना चाहें । स्म सबकें साथ चाहिए एक उत्साह और कुछ नया सीखने की इच्छा, जो आयवो इस लंजे प्रवास को सार्थक बना देगी १ [3

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