अंटार्कटिका की यात्रा भाग 4

अंटार्कटिका का वह किनारा जहॉ जाकर जहाज लंगर डालना चाहता है और सारा सामान उतार देता है, एक ऐसै प्लेटफॉर्म कौ तरह दिखाई देता है, जो करीब 10 मीटर ऊँचा होता है और इतना लंबा कि उसका दूसरा छोर दिखता ही नहीं ! इसे आइसशैल्फ कहते हैं । यह ३ अंटार्कटिका कै भीतरी पहाडों से आता हूआ ग्लेशियर है, जो जमीन को पार करकै सागर कै अंदर तैर गया है-मुंह से बाहर निकली एक लंबी स्री जीभ को तरह ! जब इससे टूट-टुटकर पहाडों जितने बडे टुकडे पानी में तैरत्ते जाते हैं तब वे ही आइसबर्ग कहलाते हैं: तो यही बर्फ की जीभ है, सारे आइसबर्गो की माँ ! ! ‘ यहॉ से टीम क्रो हैलीकॉप्टरों में बिठाकर ‘मैत्री’ स्टेशन रने जाया जाता है । -सागर कै किनारे से मैत्री तक की दूरी करीब 100 किलोमीटर है, जो वास्तव में इतना लंबा आइसशैल्फ ही है । जैसै समुद्र में हर ओर छोटे-छोटे लकडीघर’ बने हुए हैं, जिनमें ‘समर केंप’ लगा दिया जाता है । त्तीन बड़े धरों में नीचे कै तल पर वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं बनी हुई हैं और ऊपर कै तल पर सोने की व्यवस्था हैं । एक घर में चाय-मानी का इंत्तजाम है । पहले तो विंटर और समर टीमों का खाना भी अलाम-अल्ला “मैत्री” के बाहर मृस्मा केंप’ होता था, पर पंद्रहवें अभियान से यह मैत्री कै “डायनिंग हॉल”. में साथ-साथ ही होता है । हॉ, नहाने-धोने कै स्थान अभी भी अलगट-‘अलग ही बने हुए हैं । साल भर रहनेवाली विंटर टोम कै लिए मैत्री में हर सदस्य कै लिए अपना अलग कमरा होता है, जिसमें पलंग कै साथ एक मेज, कुरसी, ‘ अलमारी होली है । सभी क्रो एक ‘म्यूजिक सिस्टम’ और एक घडी भी दो जाती है । स्टेशन में पुस्तकालय, वीडियो व ओंडियो कैसेट लाइब्रेरी, एक . कंप्यूटर-कक्ष तथा एक छोटे अस्पताल की सुबिधा है । बैठक र्क बडे कमरे में कैसेट व्र सीडी ‘प्लेयर’ लगे हुए हैं । कसरत का कूछ सामान

और टेबल टेनिस भी उपलब्ध हैं । सारे बाथरूम ष टॉयलेट एक साथ ‘ वने हुए हैं और उनर्क पास डी चाशि’ग मशीन व प्रेस को सुबिधा भी हैं ।

प्रार्थना या ध्यान करने कै लिए, भारत जैसे देश को भी रास्ता दिखानेवग्ला, सारे धर्मो का एक ही पूजाघर बना हूआ है ! -!

स्टेशन कै चाहर जनरेटर, पानी को पाइप लाइन, भोजन-भंडारों कै कंटेनर, ईधन कै टेंकर, खाना पकाने की गैस र्क सिलेंडरों का स्टोर और ‘ गाडियों. की मरम्मत कै लिए एक विशाल गैरेज बने हुए हैं । ‘मैत्री’ कै सामने कौ झील ‘ लगभग 7 मीटर गहरी है । सर्दी में हसकै ऊपर कै 2 मीटर तो जम जाते हैँ, पर गहराई में पानी बना रहता है; इसी क्रो पंप _ करकै स्टेशन क्रो साल भर पानी दिया जाता है ।

मैत्री में एक नए ‘समर केंप’ क्रो बनाने तथा नई प्रयोगशालाएँ स्थापित करने का कार्य चल रहा है ।. इसकै बन जाने कै ,बाद ‘समर’ एवं ‘विंटर’ टीमों कै बीच कौ असमानता लगभग समाप्त हो जाएगी और वैज्ञानिक प्रयोगों कै लिए बेहत्तर सुविधाएँ मिल सकेंगी ।

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