अंटार्कटिका के सफ़र

सिर क्रो क्चद्रनेवंग्लो ‘मंकी कैप’ या बात्नावलावा जहाज पर एक तो दो जाती है, आपकै यास एक और होनी चाहिए। इसे भी भारत से खरीदकर ” चलें। ‘

और अब गरमी को ऋतु की आखिरी श्रेणी, पहाडों में कैप करनेवग्लो ! यह त्तो गरमी की ऋतु है ही नहीं, क्योंकि यहाँ त्ताप दिसंबर-जनवरी की भरी गरमी में भी -20 से -30 डिग्री सेल्सियस होगा ! कित्तना ठंडा होगा ! ! ३ यह आपर्क केंप की समुद्र को सतह से ऊँचाई पर निर्भर करता है । यहाँ की तैयारी कै लिए ऊपर दी हुई लिस्ट तो देख ही लीजिए, कुछ अन्य चीजें भी ज़रूरी हैं, तो कुछ चीजों की तादाद अधिक चाहिए। अंदर पहननेवश्लो गरम ‘इनंर्म ही सर्दी से असली क्वाव करते हैं । सीधा सा फॉर्मूला है, जितनी ज्यादा ठंड हो, इनर्स की उतनी ज्यस्वा परतें पहन लीजिए ९ कपडे धोने का ‘ तो _ सवाल ही नहीं है, इसलिए मैं अपने साथ चार-पॉच जोडे’ इनर्स तो ले हीँ जाता हूँ। और भले ही आप पहाडों में अंदर पहननेबग्ले कपडों को धो न सकें, पर एक ही जोडे को लाफ्तार पहने भी न रहे । इन कपडों क्रो दोबारा पहनने कै लिए यीष-बीच में वस ‘रुचा दिखाना’ ही पर्याप्त होता है ।

अंटार्कटिका की फड़ाकै की सर्दी में सुरक्षा-निर्देश कहते हैं, “मोजे रोज बदलिए; संभव हो तो दिन में दो चार बदलिए’ ! इसका कारण है;

मोजे योड़ा सा पसीना सोख लेते हैं और तीखी सर्दी में पैरों की उंगलियों में ‘फाँस्टचाइट’ कै लिए इतना ही काफी है । यह भी हमारा अनुभव है कि सबसे सस्तेवारने तौलिया-जैसै सूती मोजे इस मामले में नायलॉन कै मोजों से बेहत्तर काम करने हैं । इस कारण मैं तो पहाडों में रहने कै लिए दो दर्जन, जी हाँ, पूरे 24 जोडे, सस्तेन्नास्ते सूती मोजे अपने साथ रखता हू! जूते यहाँ भी लगातार ‘पोलर मकलक’ ही पहने जाते हैं, र्जिनर्क अंदर कंबल को दो परतें होती हैं । इनक्रो चुनते समय अपने ‘साईज से काफी बड़ा लीजिए, अतिरिक्त मोजे पहनने कै लिए। जैसे मेरे पैर का नाप 8 , नंबर का है तो मैं पहाडों पर जाने समय 12 नंबर का मकलक जूता लेकर जाता दूँ! केंप में कम७-से-कम दो जोडा अतिरिक्त जूते भी होने चाहिए, यानी अगर चार लोग केंप कर रहे हैं तो कुल 6 जोडी जूने होने जरूरी हैं ।

अब आ जाएँ हाथों पर मोटे दस्ताने जहाज पर ही दे दिए जाने हैं । हालाँकि कहीं भी नगे हाथ काम करमा संभव नहीं होता पर फील्ड में लिखने कै लिए मोटे दस्ताने तो उतारने ही पड़ने हैं । इसलिए क्लिंट कै खेल में दस्तानों कै भीतर पहने जानेवाले सफेद पतले दस्ताने यहॉ बडे उपयोगी होते हैं, हनकै 4 जोडे साथ स्ने जाना अच्छा रहता है । पहाडों में धूप का तीखापन भी कुछ ज्यग्रदा ही तेज होता है तो अपने चेहरे की सुरक्षा बदे लिए वैसलीन कौ दो शीशियों साथ में होनी चाहिए। केंप में जो खाना मिलेगा, इतनी ठंड कै कारण उसमें ताजे भोजन जैसी कोई भी चीज नहीं होगी । अगर आप महीने भर कै लिए केंप में रहने जा रहे हैं तो अपने साथ विटामिन ‘सी’ की क्रम-से-कम 30 गोलियों अवश्य स्ने जाइए, ‘ 60 गोलियों हों तो बेहतर होगा । ५

और फिर, सबसे महत्त्वपूर्ण चीज जिससे आप रात क्रो स्लोफि। जैम में ठिटुरें नहीं वह है रबर का बना हुआ’ ग़रम पानी का बैग, जो मरीजों को गरम सेंक देने कै काम में आता है । सोने कै पहले इसमें ग़रम पानी भरकर अपने स्लीपिंग बैग में डाल दीजिए और जाहर चाहे ‘जितना ठंडा हो, आप रात भर 7गरमागरम बिस्तर में सोइए ! ‘ ये बैग मैत्री कै अस्पताल से मिल सकने हैँ: पर यह इतनी जख्मी चीज है कि इसे व्यक्तिगत रूप से अपने साथ ले जाना ही बेहत्तर है ।

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